Description
About the Book:
“लॉर्ड मैकाले — नायक अथवा खलनायक?” केवल इतिहास का वर्णन नहीं, बल्कि भारतीय चेतना को झकझोरने वाला ग्रंथ है। लेखक बताते हैं कि मैकाले ने भारत को सिर्फ अंग्रेज़ी शिक्षा नहीं दी—हमारी सोच, दृष्टि और मूल्यांकन की पूरी दिशा बदली। यह पुस्तक भारतीयता और पश्चिमी प्रभाव के बीच चले सांस्कृतिक संघर्ष को उजागर करती है और यह प्रश्न उठाती है कि मैकाले आधुनिकता का मार्गदर्शक था या सांस्कृतिक विस्मृति का कारण।
ग्रंथ पाठक को अपने शिक्षाबोध, पहचान और अस्मिता पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करता है। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय के अब तक प्रकाशित ग्रंथों की परंपरा में यह कृति भी भारतीय इतिहास, दर्शन और संस्कृति पर एक महत्वपूर्ण शोध-रचना है।


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