Description
मोर अंगना मा छत्तीसगढ़ी भाषा में रचित एक संवेदनशील और आत्मीय काव्य/गीत संग्रह है, जिसमें लोकजीवन, घर-आँगन, माँ-माटी, प्रेम, परंपरा और मानवीय भावनाओं का सुंदर चित्रण मिलता है। यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवेश, रिश्तों की गर्माहट और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी अनुभूतियों को सहज, सरल और मधुर शब्दों में प्रस्तुत करती है।
मोर अंगना मा की रचनाएँ पाठक को अपने बचपन, गाँव, परिवार और संस्कारों की याद दिलाती हैं। इसमें जीवन की छोटी-छोटी खुशियाँ, पीड़ा, अपनापन और प्रकृति के रंग पूरी सच्चाई और सौंदर्य के साथ उभरते हैं। छत्तीसगढ़ी साहित्य, लोकसंस्कृति और भावप्रधान रचनाओं में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक न केवल पठनीय है, बल्कि हृदय को छू लेने वाला साहित्यिक अनुभव भी प्रदान करती है।






Reviews
There are no reviews yet.