Description
अर्थबोध 365 : अपने पैसों पर नहीं, अपने जीवन पर भी महारत हासिल करें
(भाग 1 : फाउंडेशन)
क्या होगा अगर रोज़ के सिर्फ 10 मिनट आपके आर्थिक भविष्य को पूरी तरह बदल दें?
ज़्यादातर लोग पूरी ज़िंदगी पैसे के लिए काम करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह सीख पाते हैं कि पैसा उनके लिए कैसे काम करे। “अर्थबोध 365” केवल एक पुस्तक नहीं है, बल्कि आर्थिक स्वतंत्रता और जागरूक जीवन की ओर ले जाने वाला 365 दिनों का व्यावहारिक मार्गदर्शक है।
यह पुस्तक खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों, मध्यमवर्गीय परिवारों और निवेश की शुरुआत करने वालों के लिए लिखी गई है। इसमें कठिन वित्तीय शब्दों और उलझनों को बेहद सरल और रोज़मर्रा की भाषा में समझाया गया है। हर दिन के लिए छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी पाठ दिए गए हैं, जिन्हें आप अपनी सुबह की चाय या कॉफी के साथ आसानी से पढ़ और जीवन में लागू कर सकते हैं।
इस पुस्तक में आप सीखेंगे—
✔ अमीर मानसिकता (Wealth Mindset) कैसे विकसित करें
✔ खर्च और संपत्ति (Asset) में अंतर
✔ म्यूचुअल फंड, शेयर बाज़ार और गोल्ड जैसे निवेश विकल्पों की समझ
✔ Passive Income और Systematic Withdrawal Plan (SWP) के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग
✔ कर्ज़ से बाहर निकलकर वित्तीय अनुशासन कैसे बनाएँ
यह सिर्फ सिद्धांतों की किताब नहीं है। इसमें वास्तविक जीवन के अनुभव, प्रेरणादायक कहानियाँ और “Wealth Pulses” नामक दैनिक एक्शन स्टेप्स दिए गए हैं, जिन्हें तुरंत अपनाया जा सकता है।
एक छोटी-सी चेतावनी—
यह पुस्तक पढ़ने के बाद आप साधारण जीवन से समझौता नहीं कर पाएँगे। आप अपने हर खर्च, हर कर्ज़ और हर आर्थिक निर्णय को नई जागरूकता से देखना शुरू करेंगे।
आपका बेहतर भविष्य आपका इंतज़ार कर रहा है।
आज ही अपनी 365 दिनों की आर्थिक स्वतंत्रता यात्रा शुरू करें।
About The Author
लेखक परिचय :
सुनील गोविंद कोतवाल एक ऊर्जावान, बहुआयामी और प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं, जिनकी यात्रा येरवडा की एक साधारण पुलिस कॉलोनी से शुरू होकर उद्देश्यपूर्ण और प्रभावशाली जीवन तक पहुँची है। उनका जीवन सचमुच “शून्य से अनंत तक” की प्रेरक कहानी प्रस्तुत करता है। 27 वर्षों से अधिक के समृद्ध प्रशासनिक और वित्तीय अनुभव के साथ उन्होंने प्रशासन, अनुशासन और नेतृत्व का मजबूत आधार तैयार किया है।
उन्होंने महाराष्ट्र शासन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें उपकोषागार अधिकारी, सहायक लेखाधिकारी (विधि एवं न्याय विभाग) तथा कृषि विभाग में लेखाधिकारी के पद शामिल हैं। वर्तमान में वे पुणे स्थित इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके व्यावसायिक जीवन को NCC में 10 वर्षों की समर्पित सेवा ने और भी सशक्त बनाया, जहाँ उन्होंने देश के भावी सैनिकों और अधिकारियों के निर्माण में योगदान दिया।
भारत सरकार के DoPT कार्यक्रमों के अंतर्गत वे एक प्रमाणित प्रशिक्षक हैं। उन्होंने Systematic Approach to Training (SAT), DTS, DOT, MOT, EOT, Mentoring तथा Training Needs Analysis (TNA) जैसे कई उन्नत प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। साथ ही उन्होंने YASHADA में 20 से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए हैं, जिससे वे एक कुशल मार्गदर्शक और प्रशिक्षक के रूप में स्थापित हुए हैं।
व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ वे अध्यात्म और आत्म-विकास की ओर भी गहरी रुचि रखते हैं। पिछले दो दशकों से वे तेजज्ञान फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं, जिसका प्रभाव उनके विचारों और लेखन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वे The Power of 5N, संपूर्ण स्वास्थ्य और अर्थबोध 365 जैसी पुस्तकों के लेखक हैं।
अपने “Divine Swasthya” उपक्रम के माध्यम से वे आर्थिक अनुशासन, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक समृद्धि का संतुलित मार्ग समाज के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका मानना है कि वास्तविक समृद्धि केवल आर्थिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि आंतरिक शांति से भी प्राप्त होती है।






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