PAISON KI KAHANI JINDAGI KI JUBANI (Hardback)

₹199.00

By: Peetamber Kumar Mahanand

ISBN: 9789379000958

Language: Hindi

PRICE: 199

Page: 76

Size : 5×8

Category: BUSINESS & ECONOMICS / Personal Finance / Money Management

Delivery Time: 7-9 Days

Description

About The Book

‘पैसों की कहानी जिंदगी की जुबानी: संघर्ष से समझ तक’ किसी बड़े कॉर्पोरेट दिग्गज की नहीं, बल्कि हम सब जैसे एक आम और मिडिल क्लास इंसान की कहानी है। यह सफर शुरू होता है—पैसों की तंगी, समझौतों और कड़े संघर्ष से। लेकिन जीवन के अनुभवों और गलतियों से सीखते हुए, यह सफर आगे बढ़ता है पैसों की सही समझ और वित्तीय आजादी की ओर।
यह किताब बयां करती है कि कैसे पैसों का तनाव हमारे रिश्तों और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है। अगर आपने भी कभी पैसों की कमी के कारण अपने सपनों को रुकते देखा है, तो यह किताब सीधे आपके दिल को छुएगी और आपको अपनी ‘मनी जर्नी’ बदलने का एक नया रास्ता दिखाएगी।

About The Author:

‘पैसों की कहानी जिंदगी की जुबानी: संघर्ष से समझ तक’ किसी विरासत में मिली सफलता की कहानी नहीं है। यह पीताम्बर कुमार महानंद के जीवन के वास्तविक अनुभवों का निचोड़ है, जिन्होंने अभाव से लेकर वित्तीय आजादी तक के हर पड़ाव को खुद जिया है।
उनका सफर: एक नज़र में
• 1987–2000 (बचपन और संघर्ष): सीमित साधनों और एक साधारण परिवार की तंगी के बीच जीवन की शुरुआत।
• 2000–2004 (अध्यात्म और आत्म-खोज): 4 वर्ष अध्यात्म की शरण में बिताकर जीवन को एक गहरा नजरिया दिया।
• 2004–2013 (बिजनेस और आर्थिक संकट): व्यवसाय में कदम, असफलताएँ और पैसों की कमी का कड़ा सबक।
• 2013–2018 (सरकारी नौकरी): जीवन में स्थिरता और सुरक्षा मिली, लेकिन कुछ बड़ा करने की चाह बनी रही।
• 2018–2022 (जोखिम और वित्तीय संकट): सुरक्षित नौकरी छोड़ फिर बिजनेस में उतरे और एक बड़े आर्थिक संकट का सामना किया।
• 2022–2026 (बाउंस बैक और रिकवरी): राख से उठकर एक शानदार Bounce Back किया और पैसों की सही समझ को हासिल किया।

Additional information

Weight 0.200 lbs
Dimensions 5 × 8 × 1 in

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