Rishton Ka Badalta Daur – Aadhunik Prem, Multiple Relationship Aur Samaj)

369.00

By: Manish Anant

ISBN: 9789379000231

Language: Hindi

PRICE: 369

Page: 228

Category: HUMOR / Topic / Marriage & Family

Delivery Time: 7-9 Days

Description

रिश्तों का बदलता दौरआधुनिक प्रेम, विश्वास, विवाह और मानवीय रिश्तों की नई परिभाषाएँ 21वीं सदी में रिश्तों की दुनिया तेजी से बदल रही है। डिजिटल युग, सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स, बदलती सामाजिक संरचनाएँ और व्यक्तिगत स्वतंत्रता ने प्रेम, विवाह और मानवीय संबंधों की पारंपरिक धारणाओं को नए रूप में प्रस्तुत किया है। “रिश्तों का बदलता दौर” आधुनिक समाज में रिश्तों की बदलती प्रकृति का एक गहन और विचारोत्तेजक अध्ययन है। यह पुस्तक प्रेम, आकर्षण, विवाह, विश्वास, बेवफाई, मल्टीपल रिलेशनशिप, ब्रेकअप, तलाक, परिवार, आत्म-प्रेम, डिजिटल संबंधों और भविष्य के रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझाती है। 24 विस्तृत अध्यायों में विभाजित यह पुस्तक केवल सिद्धांतों की चर्चा नहीं करती, बल्कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों, अनुभवों और मानवीय व्यवहार की गहरी पड़ताल भी प्रस्तुत करती है। लेखक ने जटिल सामाजिक विषयों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जिससे यह पुस्तक सामान्य पाठकों से लेकर विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों तक सभी के लिए उपयोगी बन जाती है। यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए है जो बदलती दुनिया में रिश्तों की वास्तविकताओं को समझना चाहते हैं, अपने संबंधों को बेहतर बनाना चाहते हैं और मानवीय जुड़ाव की गहराई को नए दृष्टिकोण से देखना चाहते हैं। प्रेम बदल सकता है। समाज बदल सकता है। तकनीक बदल सकती है। लेकिन विश्वास, सम्मान और मानवीय जुड़ाव की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है। “रिश्तों का बदलता दौर” केवल रिश्तों की कहानी नहीं, बल्कि मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण खोज—प्रेम और जुड़ाव—की यात्रा है।

About The Author

मनीष अनंत
मनीष अनंत सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और समकालीन विषयों पर लेखन में रुचि रखने वाले एक स्वतंत्र लेखक और विचारक हैं। उनका उद्देश्य जटिल सामाजिक विषयों को सरल, स्पष्ट और व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत करना है ताकि सामान्य पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सकें। मानवीय रिश्तों, प्रेम, विवाह, परिवार, सामाजिक परिवर्तन और आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर उनका विशेष अध्ययन और लेखन केंद्रित है। वे मानते हैं कि बदलते समय में रिश्तों को समझना केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। उनकी पुस्तक “रिश्तों का बदलता दौर” आधुनिक प्रेम, मल्टीपल रिलेशनशिप, डिजिटल युग, विवाह, परिवार और मानवीय जुड़ाव की बदलती प्रकृति का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक शोध, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और वास्तविक जीवन के अनुभवों के आधार पर लिखी गई है।

Additional information

Weight 0.200 lbs
Dimensions 5 × 8 × 1 in

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