Description
आज के वैज्ञानिक युग में, पृथ्वी और उसके सीमित संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए तकनीक का उपयोग अनिवार्य हो गया है। सुदूर संवेदन ने भूगोल, कृषि, पर्यावरण विज्ञान और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में डेटा (आंकड़े) एकत्र करने के पारंपरिक और धीमे तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। यह एक बहुविषयक (Multidisciplinary) क्षेत्र बन चुका है, जो राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय स्तर पर भूवैज्ञानिक, वानस्पतिक और जल-वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम है।
About The Author
निशान्त उपाध्याय तकनीकी शिक्षा में स्नातक तथा भूगोल विषय में परास्नातक हैं। अकादमिक और शोध के क्षेत्र में आपकी गहरी रुचि है; वर्तमान में आपका शोध कार्य आधुनिक कृषि के विकास पर ‘दूर संवेदन (Remote Sensing) तथा उपग्रहों के प्रभाव’ विषय पर चल रहा है। आपकी मेधा और शोध की गुणवत्ता के कारण आपको विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C.) द्वारा शोध अध्येता छात्रवृत्ति (Research Fellowship) प्रदान की गई है। शोध और लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए आपके 12 शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं, साथ ही आपने 10 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों व सम्मेलनों में अपने शोध पत्र सफलतापूर्वक प्रस्तुत किए हैं।






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